ए. राजा ने इतने दिनों के बाद अपने आप को अकेला पाकर अंदर छुपी सच्चाई को बाहर लाने की कोशिश कर रहे है तभी तो इतने दिनों के बाद उन्हें ये याद आया कि उन्होंने फाइल PM को भेजी थी और स्पेक्ट्रम आवंटन की सारी जानकारी PM को भी थी. उनके इस बयान में अगर थोड़ी भी सच्चाई हुई तो इतने समय से ईमानदारी का मुखोटा लगाये देश के साथ धोखा करने वाले प्रधानमंत्री देश कि जनता से कैसे नजर मिला पाएंगे और उनके मंत्री मंडल के साथी जो कि लोकपाल बिल से प्रधान मंत्री को बाहर रखने की बकालत करते आ रहे है वो क्या इस लिए की उन्हें भी इस बात का पता है की सभी घोटालो का होना प्रधानमंत्री की जानकारी में रहता है और यदि कोई भविष्य में लोकपाल बिल के पास हो जाने के बाद अगर घोटालो में फसे तो उसके मुखिया यानि प्रधान मंत्री बाहर रहकर उसकी मदत कर सके.
Tuesday, July 26, 2011
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